आज का दिन शिक्षामित्रों के लिए फिर से अच्छा नहीं रहा। आज उन्हें एक बार फिर से निराशा हाथ लगी। बहुत दिनों से इंतजार कर रहे 69000 शिक्षक भर्ती का आदेश भी शिक्षामित्रों को खुशी नहीं दे सका। 69000 शिक्षक भर्ती का आज 6 मई 2020 को आर्डर सुनाया गया जिसमें लखनऊ खंडपीठ से न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की अध्यक्षता वाली बेंच ने 90/97 पर अपनी मोहर लगाकर 3 महीने के अंदर इस भर्ती प्रक्रिया को पूरे करने का आदेश दिया है।
आपको ज्ञात होगा कि रिजवान अंसारी सिंगल बेंच के ऑर्डर को बहाल कराने के लिए 69000 शिक्षक भर्ती केस में मुख्य पक्ष की भूमिका निभा रहे थे, किंतु एक लंबी लड़ाई के बाद भी शिक्षामित्रों को निराशा ही हाथ लगी। अब देखना यह है कि क्या रिजवान अंसारी इस डबल बेंच के ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और वहां से प्रथम बेंच के आदेश को बहाल कराने का प्रयास करेंगे
👉69000 शिक्षक भर्ती को लेकर लखनऊ खंडपीठ से सबसे बड़ी खबर न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार द्वारा तय किए गए मानकों 90/97 पर लगाई मोहर 3 महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का दिया आदेश
आर्डर जारी
👉90/97 की जीत हुई। ऑर्डर विश्लेषण कुछ समय में।
👉69000 शिक्षक भर्ती कट ऑफ मामले में सभी अपील allow हो गयी हैं 7 जनवरी 2020 शाशनदेश बहाल हो गया है सिंगल बेंच आर्डर सेट असाईड
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69000 shikshak bharti

डबल बेंच का फैसला बिल्कुल गलत है,इन्होंने एकबार फिर यह सिद्ध कर दिया कि वर्तमान में न्यायपालिका भी सरकार के हाथ की कठपुतली बनकर रह गयी है,अफसोस!
ReplyDeleteBhut galat huaa
ReplyDeleteडबल बेंच का फैसला बिल्कुल गलत क्यों कि अवैध शासनादेश 07-01-2019का अभी तक ऎसा कभी नहीं ःहो सकता खेल ःहॊ जाने के बाद सीमा तय की जाय
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